किसान कलेवा योजना 

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किसान कलेवा योजना क्या है

राजस्थान में किसान अपनी कृषि उपज को बेचने के लिए कृषि उपज मंडियों में आते हैं। कई बार किसान को मंडी में फसल की बिक्री पूरी करने में काफी समय लग जाता है। ऐसे समय में भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन जाती है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राजस्थान में किसान कलेवा योजना संचालित की गई है। यह योजना कृषि विपणन व्यवस्था से जुड़ी है और मंडी परिसर में आने वाले किसानों तथा कुछ पात्र मंडी श्रमिकों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने से संबंधित है।

राजस्थान सरकार के कृषि विपणन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में इसे किसान कलेवा योजना 

2014 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

किसान कलेवा योजना का मुख्य उद्देश्य

किसान कलेवा योजना का सबसे प्रमुख उद्देश्य मंडी में आने वाले किसानों को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

• मंडी आने वाले किसानों को भोजन उपलब्ध कराना।

• किसानों को कम कीमत पर भोजन की सुविधा देना।

• मंडी में किसानों की मूलभूत जरूरतों को आसान बनाना।

• किसानों को अपनी कृषि उपज बेचने के दौरान भोजन के लिए बाहर जाने की परेशानी कम करना।

• मंडी परिसर में व्यवस्थित भोजन सुविधा विकसित करना।

• पात्र मंडी श्रमिकों को भी योजना का लाभ उपलब्ध कराना।

• कृषि विपणन व्यवस्था को किसान-केंद्रित बनाना 

किसान कलेवा योजना की शुरुआत

किसान कलेवा योजना को राजस्थान में मंडी आने वाले किसानों की भोजन संबंधी जरूरत को ध्यान में रखकर विकसित किया गया।

सरकारी दस्तावेजों में यह योजना 2014 से संबंधित योजना के रूप में दर्ज है। पुराने सरकारी रिकॉर्ड में बताया गया है कि इसे कृषि उपज मंडी समितियों की निर्धारित श्रेणियों में संचालित किया गया।

इससे पहले मंडियों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए आपणी रसोई जैसी व्यवस्था का उल्लेख मिलता है जिसे आगे किसान कलेवा योजना के रूप में विस्तार दिया गया।

योजना का लाभ किसे मिलता हैं 

योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज मंडी में आने वाले किसानों को भोजन उपलब्ध कराना है।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार मंडी प्रांगण में आने वाले कृषकों तथा मंडी में कार्यरत पात्र हम्माल पल्लेदार और तुलाइकारों को रियायती अनुदानित दर पर भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान रहा है।

इसलिए किसान को लाभ लेने से पहले संबंधित मंडी समिति में वर्तमान नियमों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

मंडी में आने वाले किसान के लिए योजना क्यों उपयोगी है

किसान जब फसल लेकर मंडी में आता है तो उसकी उपज की तुलाई बोली बिक्री भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं में समय लग सकता है।

कई बार किसान को पूरा दिन मंडी में रहना पड़ता है।

ऐसे में मंडी परिसर में ही रियायती भोजन मिलना किसान के लिए सुविधाजनक होता है।

• समय की बचत होती है।

• बाहर भोजन तलाशने की जरूरत कम होती है।

• किसान को कम कीमत में भोजन मिल सकता है।

• मंडी परिसर में सुविधा उपलब्ध रहती है।

किसान कलेवा योजना में भोजन की व्यवस्था

किसान कलेवा योजना के अंतर्गत निर्धारित मंडियों में भोजन व्यवस्था की जाती है।

भोजन की दर मेन्यू कूपन व्यवस्था और लाभ लेने की प्रक्रिया समय-समय पर विभागीय आदेशों के अनुसार निर्धारित हो सकती है।

इसलिए इंटरनेट पर उपलब्ध किसी पुराने लेख में बताई गई कीमत या मेन्यू को वर्तमान नियम मानना उचित नहीं है।

किसान को अपनी मंडी में लागू वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि मंडी समिति या आधिकारिक राज किसान पोर्टल से करनी चाहिए।

किसान कलेवा योजना का किसान को लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान को मंडी में रहते हुए भोजन की सुविधा मिल सकती है।

इसके अलावा योजना किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से भी उपयोगी है।

• रियायती भोजन।

• मंडी परिसर में सुविधा।

• समय की बचत।

• कम खर्च में भोजन।

• लंबी मंडी प्रक्रिया के दौरान सहायता।

• किसानों के लिए सुविधा-केंद्रित व्यवस्था।

किसानों के लिए योजना का महत्व

राजस्थान में बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल बेचने के लिए कृषि मंडियों पर निर्भर रहते हैं।

किसान के लिए मंडी केवल फसल बेचने की जगह नहीं होती बल्कि उसकी कृषि उपज के विपणन की महत्वपूर्ण कड़ी होती है।

यदि किसान को मंडी में भोजन पेयजल छाया और अन्य मूलभूत सुविधाएँ मिलती हैं तो उसका मंडी अनुभव बेहतर हो सकता है।

योजना का प्रशासनिक महत्व

1. भोजन केंद्र की नियमित निगरानी।

2. स्वच्छता की जांच।

3. भोजन की गुणवत्ता की निगरानी।

4. निर्धारित दरों का पालन।

5. लाभार्थी सत्यापन।

6. रिकॉर्ड का रखरखाव।

7. शिकायतों का समाधान।

भोजन की गुणवत्ता क्यों जरूरी है

• साफ पानी 

• स्वच्छ रसोई

• ताजा सामग्री

• साफ बर्तन

• स्वच्छ भोजन वितरण व्यवस्था

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